F.R.I.E.N.D.S.

Tuesday, January 26, 2010

Now And Then???

Now,
I am Happy...
Then,
I am Sad...

Now,
I am with Friends...
Then,
I am all Alone...

Now,
I am on a High...
Then,
I am falling Down...

Now,
I have Everything...
Then,
I am loosing It...

Now,
All is well...
Then,
Wondering Why...

Now,
I am living Life...
Then,
I am just passing It...

Now,
I am into the Moment...
Then,
It is Gone...

Now,
Life is a Bitch...
Then,
I will be fucked...

Now,
I am writing a Post...
Then,
I will be Lost...

Now,
You are reading It...
Then,
I do not Know...

P.S. Kahan chali gayi hai saali Khushi???

Tuesday, January 19, 2010

छात्रावास


नमस्कार
! आपका स्वागत है एक अपरिचित और अनजान सी लगने वाली इस अद्भुत दुनिया में, जहाँ आने से पहले मै यहाँ नहीं आना चाहता था| लेकिन अब सोचता हूँ कि यदि मै यहाँ नहीं आता तो... तो मै कुछ खो देता या शायद बहुत कुछ...|


परिवार से अलग होकर बड़े होने का एहसास, बहुत सरे नए दोस्त और उनके साथ बिताये गए अविस्मर्निय पल... सब कुछ.|


ये है हमारी दुनिया, जहाँ हम वो करते हैं जो करना चाहते हैं और कभी कभी वो भी जो हम नहीं करना चाहते| हम अलग अलग हैं| कुछ भगवान में विश्वास करते हैं कुछ नहीं, कुछ सपने देखने में विश्वास करते हैं कुछ नहीं, कुछ पढने में विश्वास करते हैं कुछ नहीं| पर एक बंधन में सब विश्वास करते हैं वो है दोस्ती जो हमे एक-दूसरे से बांधे रखती है|


आइये अब एक नज़र हमारी दिनचर्या पर डालते हैं| सुबह पाँच बजे के कभी टूटने वाले सन्नाटे में अचानक अलार्म बजने लगते हैं और इसी के साथ शुरू होती है हमारी सुबह जल्दी उठने कि नाकाम कोशिश| घर से दूर टाइम पर उठना मुस्किल ही नहीं थोडा-सा नामुमकिन भी है| लेकिन हम हमेशा क्लास में टाइम पर पहुँचने कि कोशिश करते रहेंगे और शायद किसी दिन पहुँच भी जाएंगे|


कॉलेज में दिन भर भाग-दौड़ करने के बाद फिर शुरू होती है हमारी छात्रावास ज़िन्दगी बोले तो बिंदास ज़िन्दगी| हम कैंटीन में चाय पीते हैं, सुखना के तट पर टहलने जाते हैं, रात भर चल-चित्र देखते हैं, गाने सुनते हैं और संकट के समय पढ़ते भी हैं|


ये सब इतना अच्हा लगने लगा है कि अब मन करता है कि यहीं रहूँ| लेकिन कभी-कभी हम जो चाहते हैं उसे पाना संभव नहीं होता और तब बरबस ही मेरा मन गुनगुनाने लगता है-


इन पलों का अपना एक कारवां होगा,

हमारी यादों का जिसमे जहाँ होगा,

एक-एक कर ये पल खो जाएंगे,

एक एहसास बनकर उड़ जाएंगे,

कल हमें ये तनहा छोड़ जाएंगे,

पर ये पल हमे हमेशा याद आएंगे|

-अर्पित रस्तौगी

Friday, January 8, 2010

Just Like That...

I kind of having GOOGLE Fun thz Days.. :)

Today I checked Webmaster Tools on Blogger Dashboard & find out that


*Clickthrough : Users clicked on my site in these searches

#

%

Query

Position

1

60%

i too had a love story ravinder singh

2

2

10%

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1

3

6%

i too had a love story by ravinder singh

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4

4%

raju rastogi blog

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raju rastogi's blog

1

It means that if you google any of the above query then you will end up having my blog as result on the respective position...

For example –

If you google “I too had a love story ravinder singh ebook” then my blog will top the list of the search results of about 4,220,000 for i too had a love story ravinder singh ebook in 0.08 seconds. :D

And If you google “raju rastogi blog” then my blog will top the list of the search results of about 45,900 for raju rastogi blog in 0.23 seconds. ;)

It is good.. It is mast tympass.. Just Like That. :P

You guys Have Fun...

P.S. Listen to 'Dil toh bacha hai ji'.. Amazing Song.

P.P.S. Chandigarh ki sardi is killing me.. Not like Shutting-down but like Hibernation..

*Clickthrough is the subject of change with time.

Courtesy: Google, Papuyaar