F.R.I.E.N.D.S.

Tuesday, August 7, 2012

STORY MAKER

Hello Everyone... I want you to weave a little story/poem/one-liner around this photo.. It could be anything with a title..

I will update your anything to the post itself! :)

I think it will be something different and fun.. :P

^ Thank You! ^



#1.
My Story :: City Life


ये शहर आज भी उसी रफ़्तार से दौड़ रहा था.. जैसे मानो इसे कहीं समय रहते पहुंचना हो..
दौड़ना मजबूरी और बदलना इसकी फितरत बन चुका था..

और मैं साइड में बैठा इसको अपने कल के पैमानों पर मापने लगा..
~कल जब मैं यहाँ आया था तो सब कैसा था और देखो आज ये कैसे बदल गया है.. मुझसे मुंह फेर बस ऐसे दौड़े चला जा रहा है, जैसे में यहाँ इसके सामने हूँ ही नहीं..

मैं चुपचाप इस शहर में अपनी ज़िन्दगी को समझने की कोशिश करने लगा..
पर ज़िन्दगी को जितना सोचो, समझो.. ये मानो उतना ही हाथ से निकलती प्रतीत होने लगती है.. बिल्कुल बंद मुठ्ठी में रखी रेत की तरह, आप जितनी कोशिश करो इसे ज़ोर से पकड़ने की ये उतनी ही तेजी से हाथ से फिसल जाती है..

पास से फर्र करके निकली गाडी की आवाज़ सुनकर जैसे ही मैं अपनी सोच से बाहर आया तो एक अनजाना सा डर मन में घर कर गया कि कहीं में ज़िन्दगी की इस दौड़ और शहर की रफ़्तार से पीछे न रह जाऊं..

बस फिर ये जो भी सारे सोच विचार मैं फैला कर बैठा था.. इन सबको एक पोटली में भर के अपने मन के एक कोने में सुरक्षित रख लिया..  मन थोडा भारी जरूर हो गया था पर अपनी ही सोच को अपने से अलग भी नहीं किया जा सकता..

भारी मन से ही सही पर मैं तैयार था अगली दौड़ और एक नए पड़ाव के लिए..

शाम हो गयी थी और मुझे वापस लौटकर फिर से इस शहर का एक अभिन्न हिस्सा बन जाना था..
वोही शहर..  दौड़ना जिसकी मजबूरी और बदलना एक फितरत बन चुका था!

________________________


#2.
MERI SOCH BY ANKIT BERI

वो बसों के बजते होर्न
कोई बौखलाया हुआ कोई मौन..

सब देख रहे हैं
तमाशा,
हर कोई सुझा रहा है अलग रास्ता..

और मैं वहाँ,
बैठा हूँ footpaath के एक किनारे पर..

देखा रहा हूँ बदलते लोग
उनके बदलते भाव,
बदलती ख्वाहिशें..

ये बदलाव
जो मैं जानता था,
है मेरा हमसफ़र..

सांस लेने को तो सब है
पर ज़िन्दगी जीने के लिए अकेला हूँ,
या शायद
मेरी सोच ही अकेली है..

________________________



P.S. There is nothing much to life these days, that is why you hvnt seen any post earlier..
BTW, I added the same photo to my FB page but there was no buyer for the story making thing.. So i thought of dropping the same bomb here and check whether it is going to blast or not! :D


*********************************



~ BLOSSOM BONDING ~


In this photo The Flower seems to be hanging onto the Rope[Ray] of Hope! :D

While Rope itself is on the verge of breaking down but for this moment They Make A Nice Frame.. A Frame of Hope.. Maybe!!!

~ CHEERS ~
Happy Friendship Day Fellow Bloggers..  I love you guys! :)